यूजीसी रेगुलेशन 2026 और एससी-एसटी एक्ट में सुधार की मांग को लेकर सत्याग्रह का 40वां दिन, कायस्थ पार्टी ने दिया समर्थन
गांधी जयंती पर धरनास्थल पहुंचे कायस्थ पार्टी के पदाधिकारी, आंदोलन में दिखा नारी शक्ति का प्रभाव, दीनदयाल तिवारी ने की सहयोग और समर्थन की अपील

बस्ती। यूजीसी रेगुलेशन 2026 को वापस लेने तथा एससी-एसटी एक्ट में सुधार की मांग को लेकर बस्ती विकास प्राधिकरण के प्रांगण में चल रहे अनिश्चितकालीन सत्याग्रह धरने का शुक्रवार को 40वां दिन रहा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर कायस्थ पार्टी ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नारी शक्ति की उपस्थिति विशेष रूप से चर्चा का विषय रही।
धरनारत मेधा पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुनील भट्ट के नेतृत्व में चल रहे सत्याग्रह में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और समाज के लोगों ने पहुंचकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कायस्थ पार्टी के रत्नेश श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ सिन्हा, बृजेश कुमार श्रीवास्तव, अनुप कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती प्रतिमा श्रीवास्तव और प्रीति श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन की मांगों के प्रति समर्थन जताया।
धरने को समर्थन देने वालों में मनोज कुमार सिंह, दीपक शुक्ल, बृजेश द्विवेदी, उमेश कुमार पाण्डेय, मुन्ना, जावेद अहमद, संजय शर्मा, अजय चौधरी, राहुल त्रिपाठी, विशाल सिंह और विपुल सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे। आयोजकों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
धरनास्थल पर उपस्थित लोगों ने यूजीसी रेगुलेशन 2026 को वापस लेने तथा एससी-एसटी एक्ट में सुधार की मांग को प्रमुखता से उठाया। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर संबंधित पक्षों को गंभीरता से विचार करना चाहिए। विभिन्न संगठनों की भागीदारी के बीच धरने में महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति भी विशेष रूप से दिखाई दी।
इस अवसर पर मेधा पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता दीनदयाल तिवारी ने लोगों से सत्याग्रह को सहयोग और समर्थन देने की अपील की। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों से आंदोलन में सहभागिता करने और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का आह्वान किया।
गांधी जयंती के अवसर पर सत्याग्रह के 40वें दिन विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों और समर्थकों की मौजूदगी ने धरने को लेकर चल रहे जनसंपर्क अभियान को नई चर्चा दी।





